Cycle ka avishkar kisne kiya। Full Details In Hindi 2021

Cycle ka avishkar kisne kiya: दोस्तों आपने अपने जीवन में कभी ना कभी साइकिल अवश्य चलाएं होंगे। और अभी भी शायद थोड़ी बहुत चलाते ही होंगे। साइकिल हर एक उम्र के व्यक्ति उपयोग करते हैं। इसकी सहायता से हम कम समय मे बड़े आसानी के साथ आसपास के क्षेत्रों में आ-जा सकते हैं।

भले ही आज के समय में लोग यातायात के लिए मोटरसाइकिल ,कार का उपयोग करते हैं लेकिन आज भी साइकिल लोगों के बीच लोकप्रिय है। और यह लोकप्रियता हमेशा बनी रहेगी।

दोस्तों साइकिल तो हर कोई चलाता है, लेकिन कुछ लोगों के मन में यह प्रश्न आवश्यकता आता है कि Cycle ka avishkar kisne kiya। तो दोस्तों यदि आप साइकिल के आविष्कार और इतिहास से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

इस पोस्ट के माध्यम से हम बात करेंगे की Cycle ka avishkar kisne kiya. Cycle का इतिहास एवं Cycle से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तत्वों के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे।

साइकिल का आविष्कार किसने किया? ( Cycle ka avishkar kisne kiya )

हम आज जिस दो पहिए वाले साइकिल को देखते हैं उसकी आविष्कार का श्रेय जर्मनी के अधिकारी कार्ल वॉन ड्रेस को दिया जाता है। दुनिया की सबसे पहली साइकिल वॉन ड्रैस द्वारा ही करीबन 200 वर्ष पहले सन् 1817 में बनाई गई थी।

यूरोप के बाइडेर्मियर काल के दौरान कार्ल वॉन ड्रैस एक ऐसे आविष्कारक थे जिन्होंने साइकिल के साथ-साथ 1821 ईसवी में कीबोर्ड वाला एक टाइप राइटर का आविष्कार किया.

इन्होंने 1827 में 16 अक्षर वाली स्टेनोग्राफ मशीन भी बनाई थी, साथ ही साथ इन्होंने कागज पर पियानो संगीत रिकॉर्ड करने वाला एक उपकरण भी बनाया था।

दुनिया का पहला मीट ग्राइंडर मतलब कीमा बनाने वाली मशीन का अविष्कार भी कार्ल वॉन ड्रेस द्वारा किया था।

Cycle ka avishkar kisne kiya
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साइकिल का इतिहास ( History of cycle ? )

कार्ल वॉन ड्रेस ने इस मानव द्वारा चलने वाली दो पहिया वाहन का निर्माण सन् 1815 में उत्पन्न हुई एक बहुत बड़ी समस्या के समाधान के रूप में किया था। 1815 ईसवी में इंडोनेशिया के माउंट तंबोरा ज्वालामुखी में काफी भारी विस्फोट हुआ, जिसके कारण इससे निकलने वाले राख पूरी तरह से फैल गए और वैश्विक तापमान में भी काफी गिरावट देखी गई।

तापमान में भारी गिरावट आने के कारण उत्तरी गोलार्ध के देशों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जिससे वहां के लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ा था।

भुखमरी के कारण लाखों घोड़ो एवं पालतू जानवरों की भी मृत्यु हो गई थी। उस वक्त सामान ढोने के लिए तथा यातायात के साधन के रूप में भी पशुओं का ही उपयोग किया होता था। इसलिए जब पशु की मृत्यु होने लगी तब उस समय के वेज्ञानिक ने इस साइकिल का आविष्कार करने के बारे में सोचा और किया भी।

सबसे पहले कार्ल वॉन ड्रेस द्वारा साइकिल का आविष्कार की गयी थी। जिसका निर्माण लकड़ी द्वारा की गई थी। उसमें ना ही कोई पेंडल था और ना ही गियर था। और यह लगभग 23 किलोग्राम का था।

उसे चलाने वाला व्यक्ति उस पर बैठकर अपने पैरों से आगे बढ़ने की उलटी दिशा में धक्का देता था। इसमें एक दफ्ती लगी होती थी जिससे हाथों को सहारा मिलता था।

पहली बार वॉन ड्रैस ने उसे 12 जून 1817 को जर्मनी के 2 शहरों मैनहेम और रिनाउ के बीच चलाकर सभी लोगों के सामने प्रदर्शित किया था। उन्हें वह 7 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में लगभग 1 घंटे से भी ज्यादा का समय लगा था।

ड्रेस ने अपनी इस नई मशीन का नाम जर्मन भाषा में ल्युफमशीन रखा था। जिसका मतलब होता है दौड़ने वाली मशीन लेकिन बाद में यह यूरोप के अन्य देशों में वेलोसिपेड ,ड्रेसियेन ,हॉबी -हॉर्स और डेंडी -हॉर्स जैसे लोकप्रिय नामों से जाना जाता है।

इसी तरह धीरे धीरे कई वैज्ञानिकों ने साइकिल के नए-नए रूपों का आविष्कार किया और उसे लोगों के सामने प्रदर्शित किया।

नए-नए आविष्कार के साथ-साथ लोगों की मांगे भी उतनी ही अधिक बढ़ती गई। आज के समय में नीदरलैंड में छोटी दूरी की लगभग 27% यात्राएं साइकिल के द्वारा ही पूरी की जाती है। नीदरलैंड के हर 8 में से 7 व्यक्ति जिसकी उम्र 15 साल के आसपास हो उसके पास एक साइकिल अवश्य होती है।

 

डेनी जॉनसन और साइकिल का आविष्कार:

सन् 1818 में डेनी जॉनसन नामक एक व्यक्ति ने उसी प्रकार की एक साइकिल खरीदी और उसमें कई तरह के बदलाव किए। और इसे लोगों के सामने पेडेस्ट्रियन करिकल के नाम से प्रस्तुत किया।

जॉनसन ने सन् 1819 में लगभग 300 से भी अधिक ‘पेडेस्ट्रियन करिकल’ का निर्माण किया। जॉनसन का यह मॉडल बहुत अधिक कीमती था इसलिए उसे अधिकतर ऊंचे पदों के कुलीन लोग मनोरंजन के लिए या सुबह-शाम सैर करने के लिए खरीदा करते थे।

सन् 1820 तक दो पहिया वाला वाहन यह लोगों के बीच में एक चर्चा का विषय बन गया लेकिन उसके बाद 40 वर्षों तक इस क्षेत्र में कोई उन्नति नहीं हुई। लेकिन धीरे धीरे यह लोकप्रिय होता गया और इसकी मांग बढ़ती गई।

सन 1990 में जो भूमिका साइकिल की थी वह 2002 से 2003 तक लगते-लगते मोटरसाइकिल में बदल गई और मोटरसाइकिल की बिक्री बढ़ने वाले हैं।

Cycle ka avishkar kisne kiya
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साईकिल के विभिन्न भाग – ( port of cycle ? )

दोस्तों एक साइकिल को बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के यंत्रों की आवश्यकता होती है जो कि आपस में मिलकर एक साइकिल का निर्माण करते हैं।

1. पहिया – यह साइकिल का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है और इसी पहिए के सहारे साइकिल आगे बढ़ती है, इन पहियों में तीलिया लगी होती हैं जोकि पहिए को मजबूत बनाती है और आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करती है।

2. फ्रेम – साइकिल का एक महत्वपूर्ण भाग है, इस भाग का प्रमुख कार्य साइकिल का संतुलन बनाना है इस भाग को साइकिल में ना लगाया जाए तो साइकिल सीधा नहीं चल सकता है, इसलिए यह साइकिल के लिए काफी उपयोगी माना गया है।

3. बॉलबेयरिंग – बाल बेरिंग का उपयोग साइकिल को अच्छी तरह चलने में किया जाता है यह छोटे छोटे आकार की छर्रे या गोलियां होती हैं जोकि वलयाकार कांचे के भीतर रखी जाती है।

4. मुक्त चक्र – इस भाग का उपयोग साइकिल चलाते समय जब पैडल मारा जाता है तब भीतरी पुर्जा एकदम आपस में जुटे रहे और फिसले नही इस लिए किया जाता है।

5. हवाई टायर – यह पहिए के अंदर लगाया जाता है जिससे पहिया बराबर और कम दबाव के साथ आगे बढ़ता रहे।

6.ब्रेक – यह साइकिल का महत्वपूर्ण भाग है क्योंकि इस भाग के सहायता से हम साइकिल को किसी स्थान पर रोकने का कार्य करते हैं ।

दोस्तों यह कुछ महत्वपूर्ण भाग थे जो हमने आपके साथ शेयर किया इसके साथ ही साथ और भी कई सारे साइकिल से जुड़े भाग होते हैं जिससे मिलकर एक साइकिल का निर्माण होता है।

Cycle ka avishkar kisne kiya
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साइकिल से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य –

1. दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल का नाम टंडम साइकिल है, जो कि 20 मीटर लंबी है और इस साइकिल पर लगभग 23 लोग बैठ सकते हैं।

2. पहली साइकिल रेस 31 मई 18 सो 68 ईस्वी को हुई यह साइकिल रेस पेरिस के पार्क दे सैंट क्लाउड में आयोजित की गई थी। यह रेस 1200 मीटर की थी जिसमें इंग्लैंड की ‘जेम्स मेरे’ नाम के एक व्यक्ति विजेता हुए थे।.

3. सबसे पहली पेंडल वाली साइकिल 1863 में फ्रांस के एक मैकेनिक पियरे लालीमेंट द्वारा निर्माण की गई थी। उन्होंने साइकिल के सामने वाले चक्के में पेंडल बनाया था। लालीमेंट पहले पेरिस में बच्चों और अपंग लोगों के लिए कैरेज बनाने वाले के यहां काम किया करते थे।

4. यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि यह कार्य की जगह लगभग 15 साइकिले खड़ी हो सकती हैं।

5. पेरिस के पियरे मिचैक्स ने अपने ओलिवियर बंधुओं के साथ मिलकर पहली बार 1867 में पैंडल वाली साइकिल का व्यावसायिक स्तर पर निर्माण शुरू किया था । वह हर महीने 200 से भी अधिक साइकिलें बेचा करते थे।

3. साइकिल के स्पोक वाले पहिए का आविष्कार फ्रांस के मैकेनिक यूजीन मेयर ने सन 1869 में किया था।

4. अमेरिका के डेनिस मुलर कोरैंक विश्व के सबसे तेज साइकिलिस्ट रह चुके है। उन्होंने 16 सितंबर 2018 को 269 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से साइकिल चलाकर एक किताब हासिल किया था।

5. आज दुनिया में एक अरब से अधिक साइकिले हैं। चीन में सबसे ज्यादा साइकिलों का निर्माण एवं प्रयोग किया जाता है।

6. सन 1888 में आयरलैंड के जॉन बोयर्ड डनलप ने साइकिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए हवा भरने वाले रबर के टायरों का भी आविष्कार किया था।

निष्कर्ष ( conclusion )

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से हमने जाना है कि Cycle ka avishkar kisne kiya. साइकिल का इतिहास क्या है एवं साइकिल के कौन-कौन से भाग हैं। साथ ही साथ हमने साइकिल से जुड़े हुए महत्वपूर्ण तत्व के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

आशा करते हैं दोस्तों आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी। और साइकिल अविष्कार से जुड़ी सभी जानकारियां प्राप्त हो गई होंगी।

दोस्तों इस पोस्ट को आप अन्य लोगों के साथ अवश्य शेयर करें जिससे और लोगों को भी Cycle ka avishkar kisne kiya से जुड़ी जानकारी प्राप्त हो सके तथा यदि आपके मन में कोई प्रश्न हो तो नीचे कमेंट के माध्यम से अवश्य पूछें हम आपके प्रश्नों के उत्तर अवश्य देंगे ।धन्यवाद….

 

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