RSS Full Form | RSS संघठन क्या है। सम्पूर्ण जानकारी In Hindi 2021

RSS Full Form। RSS संघठन क्या है : RSS भारत में स्थित हिंदू राष्ट्रवादी अर्धसैनिक स्वयंसेवक संगठन है। यह संगठन भारत में RSS नाम से काफी प्रसिद्ध है, इसलिए दोस्तों इस संघ के बारे में आपको अवश्य ही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

इस पोस्ट के माध्यम से हम जानेंगे कि RSS संघठन क्या है, RSS Full Form , RSS का इतिहास क्या है, और यदि आप इस संघ से जुड़ना चाहते है तो इस पोस्ट में हम यह भी जानेंगे की RSS Join कैसे करे, और RSS जॉइन करने के क्या-क्या फायदे है।

तो दोस्तों यदि आप RSS के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ें आपको RSS संघ से जुड़ी संपूर्ण जानकारी मिलेगी।

RSS क्या है। ( RSS full form )

RSS जिसका हिंदी में पूरा नाम ” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” है , यह भारत का एक हिंदू राष्ट्रवादी अर्धसैनिक स्वयंसेवक संगठन है।

इस संघ को भारत के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी का पैतृक संगठन भी कहा जाता है। क्योंकि दोनों ही संगठनों के उद्देश्य समान है। RSS संघ को विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्था कहा जाता है।

इस संघ का मुख्य उद्देश्य हिंदू समुदाय के लोगों को एकजुट करना भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखना और हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना, साथ ही साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय सभी धर्म के लोगों की हर प्रकार से सहायता प्रदान करना है।

RSS संघ सदैव ही समाज में फैली हुई जातिवाद,रंगभेद ऊंच-नीच आदि का विरोधी रहा है, और इस संघ के द्वारा इसे समाप्त करने का पूर्ण प्रयास किया जाता है। जिससे आज के समय में ये चीजें धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।

 

RSS Full Form। RSS संघठन क्या है।
RSS Full Form। RSS संघठन क्या है।

RSS का फुल फॉर्म – ( RSS Full Form in english)

RSS का फुल फॉर्म ” Rashtriye Swayamsevek Sangh “ है। इसका कोई पूर्ण रूप से इंग्लिश फुल फॉर्म नहीं है।

RSS फुल फॉर्म इन हिंदी ( RSS Full Form In Hindi )

RSS को हिंदी में हम ” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ “ के नाम से जानते हैं।

RSS संघ का इतिहास और इसकी स्थापना – (RSS Full history In Hindi)

RSS संघ जोकि काफी पुराना संघ है. इसकी स्थापना विजयदशमी के दिन 24 सितंबर 1925 ईसवी को की गई थी। इस संघ की स्थापना डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी।

जैसा कि आपको पता होगा कि विजयदशमी का त्यौहार भारत में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है, और इसी दिन ही संघ की स्थापना हुई थी, जो कि आज पूरी दुनिया में एक बड़े संघ के रूप में माना जाता है।

RSS संघ का मुख्यालय नागपुर महाराष्ट्र में स्थित है। वर्तमान समय में इस संघ का संचालन मोहन भागवत जी द्वारा किया जा रहा है।

RSS की स्थापना के लगभग 25 वर्ष बाद सन 1975 आपातकाल की घोषणा की गई थी और इस समय संघ के सभी अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को एकजुट होने पर रोक लगा दिया गया था

इसके बाद जब आपातकाल हटाया गया तो यह संघ भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गई और केंद्र में मोरारजी देसाई के प्रतिनिधित्व में सरकार बनी।

1975 के बाद भारतीय जनता पार्टी के दल में सम्मिलित होने के बाद धीरे-धीरे यह संघ और भी लोकप्रिय होता चला गया ।

जब शुरुआत में RSS संघ की स्थापना हुई थी तो उस समय उन्होंने भारत के राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार करने से मना कर दिया और राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर भगवा ध्वज को राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार करने की भी मांग की थी।

जब सरकार द्वारा देश के हित में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाता है, तो यह संघ सदैव सरकार के पक्ष में ही रहती है, लेकिन यदि कोई निर्णय देश हित में नहीं होता है तो वह सरकार का विरोध भी करती है। इनके द्वारा किया जाने वाला यह कार्य इन्हें अन्य संघों से और बेहतरीन एवं अलग बनाती है।

इस संघ ने आजादी के समय भी काफी बढ़ चढ़कर भाग लिया था, और अंग्रेजों को भारत से मुक्त करने के लिए अपना विशेष योगदान प्रदान किया था।

RSS Full Form। RSS संघठन क्या है।
RSS Full Form। RSS संघठन क्या है।

आरएसएस ( RSS) join कैसे करे । ( how to join RSS )

दोस्तों RSS में सम्मलित होने के लिए आपको सदस्यता लेने की आवश्यकता नहीं होती है RSS में कोई भी व्यक्ति सम्मलित हो सकता है।

यहां तक कि RSS को 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी ज्वाइन कर सकते हैं, जब RSS संघ में 18 साल से कम उम्र के बच्चे सम्मिलित होते हैं तो संघ द्वारा उनके विचारों में देश की भावना जागृत करने के लिए बाल भारती और बाल गोकुल कार्यक्रम भी चलाती है।

जिससे बच्चो में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत हो सके। और ये राष्ट्र से प्रेम करें और देश की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहें।

दोस्तों अगर आप इस संघ में जुड़ना चाहते हैं या इस में काम करना चाहते हैं तो आप इस संघ में सम्मिलित हो सकते हैं।

इसकी शाखा आपको हर क्षेत्र विभाग जिले,प्रांत ,नगर में मिल जाएगी और समय-समय पर इस संघ में बैठक भी होती रहती हैं। जिसमें इस संघ से जुड़े लोग व्यायाम खेलकूद सूर्यनमस्कार भजन आदि करवाते हैं।

आरएसएस जॉइन करने के फायदे ( Benifits Of joining rss in hindi )

RSS भारत में स्थित एक ऐसा संघटन है, जिसने सदैव देश का लाभ चाहा है, RSS के प्रमुख मोहन भागवत जी के अनुसार बताया गया है कि RSS में किसी भी व्यक्ति को व्यक्तित्व लाभ तो नहीं मिलता लेकिन यदि कोई भी व्यक्ति जो राष्ट्र से प्रेम करता है और राष्ट्र की सेवा करना चाहता है. वह इस संघ को जरूर ज्वाइन कर सकता हैं ।

RSS में ज्वाइन होने के निम्न फायदे है -

1. RSS. में ज्वाइन होने के बाद आपके अंदर जाति भेदभाव की भावना समाप्त हो जाती है।

2. इस संघ से आप सीखेंगे की प्राकृतिक आपदाओं के समय में लोगों की मदद कैसे की जाती है।

3. RSS में प्रतिदिन व्यायाम कराया जाता है जिससे आपका शरीर स्वस्थ रहता है।

4. RSS संघ में रोजाना जाने से आप प्रतिदिन नए नए लोगों से मिलते हैं।

5. इस संघ में सम्मिलित होने के बाद आपको अपने महान सांस्कृतिक और इतिहास पर गर्व होगा।

6. जब आप इस संघ में सम्मिलित हो जाते हैं तो आपके अंदर राष्ट्रवादी और देशभक्ति की भावना जागृत हो जाती है, जिससे आप देश की सेवा के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

RSS संघ के प्रमुख कार्य क्या -क्या है ?

RSS संघ ने सदैव देशहित को देखते हुए किसी भी कार्य को किया है। इस संघ द्वारा सभी लोगों को सनातन धर्म के प्रति जागरूक किया गया और साथ ही साथ लोगों को हिंदुओं के साथ जोड़ने का प्रमुख कार्य किया

1963 – सन 1963 ईस्वी में स्वामी विवेकानंद के जन्म शताब्दी के उपलक्ष पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक दल द्वारा स्वामी विवेकानंद स्मारक सिला निर्माण करने का संकल्प लिया गया।

1964 – सन 1964 ईसवी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक दल द्वारा विश्व हिंदू परिषद के स्थापना की गई जोकि काफी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

1969 – सन 1969 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा धर्मस्थल के किसी भी जगह पर छुआछूत जैसी कोई जगह ना होने का भी ऐलान किया कर दिया गया।

1986 – सन 1986 ईस्वी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा श्री राम जन्मभूमि आंदोलन द्वारा हिंदू समाज का स्वाभिमान जागृत किया जो कि हिंदुत्व के लिए काफी बड़ी उपलब्धि थी।

RSS संघ द्वारा चलाया जाने वाला Mobile App –

दोस्तों आज हर कोई स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है इस बात को ध्यान में रखते हुए RSS संघ द्वारा एक मोबाइल ऐप भी बनाया गया है इस ऐप का नाम “ स्वयंसेवक RSS App ” है।

इस App की सहायता से आप RSS संघ से जुड़ी समस्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं,एवं इस ऐप में आप भक्ति संगीत,अमृत वचन और कहानियां सुन और पढ़ सकते हैं।

RSS संघ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां –

1. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 सभी को विजयदशमी के दिन हुई थी।

2. वर्तमान समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक मोहन भागवत जी है। जो काफी समय से ही इस संघ का नेतृत्व कर रहे हैं।

3. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय नागपुर महाराष्ट्र में स्थित है।

4. इस संघ की आधिकारिक भाषा संस्कृत और हिंदी है।

5. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव सुरेश भैया जी जोशी जी है।

6. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में लगभग 50 से 60 लाख लोगों ने सदस्यता ली हुई है।

7. इस संघ की प्रार्थना ” नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे ” है यह प्रार्थना संघ के कार्यक्रमों मैं अनिवार्य रूप से गाया जाता है।

8. इस संघ से बहुत से ख्वातींप्राप्त स्वयंसेवक लोग जुड़े हैं जैसे- रामनाथ कोविंद, अटल बिहारी बाजपेयी, नरेंद्र मोदी,मनोहर पारिकर, अमित शाह, राजनाथ सिंह नितिन गडकरी, मुरली मनोहर जोशी आदि।

9. राष्ट्रीय स्वयं सेवक दल अन्य कई पार्टियों जैसे विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल भारतीय जनता पार्टी आदि एक ही है।

निष्कर्ष ( Conclusion )

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की RSS संघ क्या है, RSS Full Form क्या होता है। RSS जॉइन कैसे करें एवं इसके ज्वाइन करने के क्या-क्या फायदे हैं। आदि RSS से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियां प्राप्त की।

आशा करता हूं दोस्तों आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी और आपको RSS. संघ से जुड़े सभी प्रकार की जानकारियां मिल गए होंगे

दोस्तो यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें, तथा इस पोस्ट से संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो नीचे कमेंट के माध्यम से जरूर पूछें हम आपके प्रश्नों का उत्तर अवश्य देंगे धन्यवाद….

यह भी पढ़े – 

 

Next articleNCC Full Form। NCC क्या है। सम्पूर्ण जानकारी In Hindi 2021

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here